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तमिलनाडु की कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को सुनाई मृत्युदंड की सजा, कोरोना काल से जुड़ा है मामला; जानें क्या था अपराध?

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Apr 06, 2026 09:07 pm IST,  Updated : Apr 06, 2026 09:07 pm IST

तमिलनाडु की एक कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। यह मामला कोविड काल के दौरान हिरासत में एक पिता-पुत्र की मौत से जुड़ा हुआ है।

कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई।- India TV Hindi
कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। Image Source : REPRESENTATIVE IMAGE

मदुरै: तमिलनाडु के मदुरै से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां 2020 के एक मामले में कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इसके अलावा सभी पर संयुक्त रूप से 1.40 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दरअसल, जून 2020 में लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने पिता-पुत्र को देर तक दुकान खोले रखने पर हिरासत में लिया था। इस दौरान दोनों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे पिता-पुत्र की मौत हो गई। इस मामले में 9 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए, जिसके बाद कोर्ट ने सभी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। 

कोर्ट ने बताया दुर्लभतम मामला

दरअसल, मदुरै की एक कोर्ट ने सोमवार को 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। इन सभी पुलिसकर्मियों को तूतीकोरिन के सथानकुलम में हिरासत के दौरान क्रूर यातना देकर एक पिता-पुत्र की हत्या करने के जुर्म में दोषी पाया गया था। प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जी. मुथुकुमारन ने इसे दुर्लभतम मामला बताया। उन्होंने सजा सुनाते हुए कहा कि जनता की रक्षा का जिम्मा संभालने वालों ने ऐसा अपराध किया है, जिसने समाज की सामूहिक अंतरात्मा को झकझोर दिया है। कोर्ट ने पी जयराज और उनके बेटे जे बेनिक्स की हत्या के लिए दोषी ठहराए गए सभी 9 पुलिस अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई। इसके अलावा सभी दोषियों पर 1.40 करोड़ रुपये का संयुक्त जुर्माना भी लगाया गया, जो पीड़ितों के परिवार को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। 

कोरोना काल के दौरान हुई घटना

बता दें कि यह घटना जून 2020 की है, जब देशभर में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर लॉकडाउन की घोषणा की गई थी। इसी दौरान जयराज और बेनिक्स को निर्धारित समय से अधिक समय तक मोबाइल फोन की दुकान खुली रखने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था। हिरासत में उनके साथ भीषण मारपीट की गई, जिसके परिणामस्वरूप कुछ दिनों के बाद अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना को लेकर भारी जनाक्रोश भी देखने को मिला था। इसके बाद मद्रास हाई कोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया था। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने की।

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